जयपुर (हमारा वतन) उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को राज्य विधान सभा में कहा कि बजट पर सदस्यों ने सार्थक विचार प्रस्तुत किए। हम प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर प्रदेश की विकास यात्रा में और आगे बढ़ेंगे। बजट घोषणाओं से प्रदेशवासियों में नवीन आशा का संचार होने के साथ राज्य सरकार के प्रति विश्वास और दृढ़ हुआ है। सरकार के प्रति जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है।
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री आय-व्ययक अनुमान 2025-26 पर सामान्य चर्चा के बाद जवाब दे रहीं थी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय ‘सर्वजन हिताय और समावेशी विकास‘ है। यह सुनिश्चित करते हुए अंतिम छोर तक प्रत्येक व्यक्ति का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के दीर्घकालीन लक्ष्यों तथा विकसित राजस्थान @2047 को ध्यान में रखकर 1.20 लाख से अधिक सुझावों के साथ बजट तैयार किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पूर्व बजट की 58 प्रतिशत बजट घोषणाओं को पूरा कर लिया है। उन्होंने सदन से प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि सभी घोषणाओं को समयबद्ध पूरा कर, राजस्थान को ‘खुशहाल प्रदेश‘ बनाया जाएगा।
केन्द्र सरकार से मिल रहा सहयोग :-
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से प्रदेश को भरपूर सहयोग मिल रहा है। राज्य को केंद्रीय करों में हिस्से के रूप में वर्ष 2023-24 के विरूद्ध वर्ष 2025-26 में 17 हजार 653 करोड़ रुपए अधिक प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार राज्य को हिस्से में कुल 85 हजार 716 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। उन्होंने सदन में कहा कि हमारी सरकार वित्तीय संसाधनों का अनुशासित उपयोग सुनिश्चित कर रही है। आगामी वर्ष में रिफाइनरी शुरू होने से राज्य को 2 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त वैट प्राप्त होगा। साथ ही, एसेट मॉनेटाइजेशन यथा लैंड पूलिंग, लैंड एग्रेगेशन, आईएनवीआईटी के माध्यम से 4 हजार 750 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचनात्मक विकास की योजनाओं के लिए हमारी सरकार ऋण का सदुपयोग कर रही है। जबकि प्रतिपक्ष की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों का मायाजाल भम्रित करने वाला प्रतीत होता है।
पांच वर्ष पर भारी हमारा एक वर्ष :-
उप मुख्यमंत्री ने गत सरकार के अंतिम एक वर्ष और वर्तमान सरकार के प्रथम एक वर्ष के कार्यकाल को लेकर तुलना की। उन्होंने कहा कि गत सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल पर हमारी सरकार का एक वर्ष भारी पड़ा है। उन्होंने बताया कि गत सरकार ने जीरो टेबलेट वितरित किए, जबकि हमारी सरकार ने 88 हजार 800 वितरित किए। गत सरकार ने 1200 सोलर पम्प स्थापित किए, जबकि हमने 28 हजार 884, गत सरकार ने 4 हजार 232 और हमने 24 हजार 517 स्कूटी वितरित की। गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गत सरकार में 4 लाख 38 हजार मैट्रिक टन की खरीद हुई, जबकि हमारी सरकार 12 लाख 5 हजार मैट्रिक टन की खरीद कर चुकी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। वर्श 2025-26 के लिए कृषि बजट में 14.67 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। एससीएसपी और टीएसपी फंड राशि को आगामी वर्ष में बढ़ाकर 1 हजार 750 करोड़ रुपए प्रावधित किया है।
उन्होंने कहा कि गत सरकार के पूरे कार्यकाल में इन्स्टॉल्ड कैपिसिटी ऑफ पावर औसतन प्रतिवर्ष लगभग 700 मेगावाट बढ़ी। हमने राज्य के कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए केवल वर्ष 2024-25 में ही 1 हजार 500 मेगावाट की वृद्धि करते हुए कुल इंस्टॉल्ड कैपिसिटी को 26 हजार 325 मेगावाट तक पहुंचा दिया है। इसमंे और आगे बढ़ेंगे। गत सरकार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान 3 से 4 माह तक बकाया रहता था, जबकि हमारी सरकार ने जनवरी, 2025 तक का भुगतान किया है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि पहली बार में ही 8 हजार रुपए एवं दूसरी बार में 9 हजार रुपए कर दी गई है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 हजार 150 रुपए कर दिया गया। वर्ष 2025-26 में पुनः बढ़ाकर 1 हजार 250 रुपए किया जा रहा है। श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना में अंतर्गत थाली का वजन 450 ग्राम से बढ़ाकर 600 ग्राम किया गया है। समस्त गरीब परिवारों की महिलाओं को 450 रुपए में एलपीजी सिलेडर देने के संकल्प को लागू कर लगभग 73 लाख परिवारों को राहत प्रदान की गई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशनर्स को देय आउट डोर चिकित्सा सुविधा व्यय की सीमा 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष कर दी गई। कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए की गई है। साथ ही, ग्रीन ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए सीएनजी/पीएनजी पर वैट को 14.50 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया है। हमारी सरकार ने 13 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों के उन्नयन के कार्य पूर्ण किए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही ईआरसीपी-पीकेसी परियोजना के कार्य को हाथ में लेकर गति देने का काम किया है। हर्ष का विषय है कि राम जल सेतु परियोजना के निर्माण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए पर्यटन स्थलों के विकास के प्रति सकारात्मक भाव और प्रसन्नता होनी चाहिए। इससे राज्य में स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
रिपोर्ट – राम गोपाल सैनी